भगवान दत्तात्रेय को ब्रह्मा, विष्णु और महेश का संयुक्त स्वरूप माना जाता है। वे महर्षि अत्रि और माता अनसूया के पुत्र तथा अवधूत परंपरा के आदिगुरु के रूप में पूजनीय हैं। दत्तात्रेय भगवान का जीवन ज्ञान, वैराग्य, करुणा और समभाव का संदेश देता है।
🐘 गजमुख — बुद्धि और विवेक🐁 मूषक वाहन — संयम🌺 मोदक — आनंद और संतोष
दत्त चतुर्थी पर उनकी विशेष आराधना होती है। महाराष्ट्र में सार्वजनिक और घरेलू दत्तोत्सव का विशेष महत्व है।