॥ श्री दत्ताय नमः ॥

भगवान श्री दत्तात्रेय

श्री दत्त स्तोत्रम्, स्तुति एवं गायत्री मंत्र

01

भगवान दत्तात्रेय का परिचय

भगवान दत्तात्रेय को ब्रह्मा, विष्णु और महेश का संयुक्त स्वरूप माना जाता है। वे महर्षि अत्रि और माता अनसूया के पुत्र तथा अवधूत परंपरा के आदिगुरु के रूप में पूजनीय हैं। दत्तात्रेय भगवान का जीवन ज्ञान, वैराग्य, करुणा और समभाव का संदेश देता है।

भगवान दत्तात्रेय का AI निर्मित भक्तिमय चित्र
🐘 गजमुख — बुद्धि और विवेक🐁 मूषक वाहन — संयम🌺 मोदक — आनंद और संतोष

दत्त चतुर्थी पर उनकी विशेष आराधना होती है। महाराष्ट्र में सार्वजनिक और घरेलू दत्तोत्सव का विशेष महत्व है।

भगवान दत्तात्रेय का AI निर्मित भक्तिमय चित्र
03

श्री दत्त स्तोत्रम्

भगवान दत्तात्रेय का AI निर्मित भक्तिमय चित्र

जटाधरं पाण्डुरङ्गं शूलहस्तं कृपानिधिम्।

सर्वरोगहरं देवं दत्तात्रेयमहं भजे॥

जगदुत्पत्तिकर्त्रे च स्थितिसंहारहेतवे।

भवपाशविमुक्ताय दत्तात्रेय नमोऽस्तु ते॥

04

श्री दत्तात्रेय स्तुती

भगवान दत्तात्रेय का AI निर्मित भक्तिमय चित्र

॥ श्री दत्तात्रेय ध्यान श्लोक ॥

मालाकमण्डलुरधः करपद्मयुग्मे। मध्यस्थपाणियुगुले डमरुत्रिशूले॥

यस्य स्त ऊर्ध्वकरयोः शुभशङ्खचक्रे। वन्दे तमत्रिवरदं भुजषट्कयुक्तम्॥

॥ श्री दत्तात्रेय स्तुती ॥

1.

जटाधरं पाण्डुरङ्गं शूलहस्तं कृपानिधिम्

सर्वरोगहरं देवं दत्तात्रेयमहं भजे॥

2.

जगदुत्पत्तिकर्त्रे च स्थितिसंहारहेतवे

भवपाशविमुक्ताय दत्तात्रेय नमोऽस्तु ते॥

3.

जराजन्मविनाशाय देहशुद्धिकराय च

दिगम्बर दयामूर्ते दत्तात्रेय नमोऽस्तु ते॥

4.

कर्पूरकान्तिदेहाय ब्रह्ममूर्तिधराय च

वेदशास्त्रपरिज्ञाय दत्तात्रेय नमोऽस्तु ते॥

5.

ह्रस्वदीर्घकृशस्थूलनामगोत्रविवर्जित

पञ्चभूतैकदीप्ताय दत्तात्रेय नमोऽस्तु ते॥

6.

यज्ञभोक्त्रे च यज्ञाय यज्ञरूपधराय च

यज्ञप्रियाय सिद्धाय दत्तात्रेय नमोऽस्तु ते॥

7.

आदौ ब्रह्मा मध्य विष्णुरन्ते देवः सदाशिवः

मूर्तित्रयस्वरूपाय दत्तात्रेय नमोऽस्तु ते॥

8.

भोगालयाय भोगाय योगयोग्याय धारिणे

जितेन्द्रियजितज्ञाय दत्तात्रेय नमोऽस्तु ते॥

9.

दिगम्बराय दिव्याय दिव्यरूपधराय च

सदोदितपरब्रह्म दत्तात्रेय नमोऽस्तु ते॥

10.

जम्बूद्वीपमहाक्षेत्रे मातापुरनिवासिने

जयमानसतां देव दत्तात्रेय नमोऽस्तु ते॥

॥ श्री दत्त नामस्मरण ॥

दिगंबरा दिगंबरा श्रीपाद वल्लभ दिगंबरा।

श्री गुरुदेव दत्त। श्री गुरुदेव दत्त।

अवधूत चिंतन श्री गुरुदेव दत्त।

05

श्री दत्त गायत्री

ॐ दत्तात्रेयाय विद्महे।

अत्रिपुत्राय धीमहि।

तन्नो दत्तः प्रचोदयात्॥