नीचे बाबा श्याम की भक्ति में रचित चालीसा-शैली का सरल पाठ दिया गया है। यह किसी पारंपरिक प्रकाशित चालीसा का शब्दशः पाठ नहीं है।
॥ दोहा ॥
शीश दानी श्याम प्रभु, भक्तों के आधार।
करुणा की दृष्टि कीजिए, सुनिए विनती पुकार॥
॥ चालीसा-शैली भक्तिपाठ ॥
जय जय श्याम दयालु कृपाला।
भक्त हृदय के तुम रखवाला॥
खाटू धाम तुम्हारा प्यारा।
जग में गूँजे नाम तुम्हारा॥
बर्बरीक वीर बलशाली।
भक्ति तुम्हारी सबसे निराली॥
शीश दान की महिमा न्यारी।
श्रद्धा से पूजे दुनिया सारी॥
कृष्ण कृपा का पावन नाता।
श्याम नाम मन शांति दिलाता॥
हारों के तुम बने सहारे।
दुख में भक्त तुम्हें ही पुकारे॥
फागुन में उत्सव मनभावन।
श्याम धाम का दर्शन पावन॥
निशदिन नाम तुम्हारा गाएँ।
मन में प्रेम की ज्योति जलाएँ॥
अहंकार को दूर भगाएँ।
सेवा का हम मार्ग अपनाएँ॥
सत्य धर्म का दीप जलाना।
दीन जनों को गले लगाना॥
जिसने तुमसे प्रीति लगाई।
उसने मन में आशा पाई॥
दया क्षमा का पाठ पढ़ाओ।
सबके भीतर प्रेम जगाओ॥
दुख में धीरज हमको देना।
सुख में विनम्र सदा ही रखना॥
घर आँगन में मंगल छाए।
सबके मन में सद्भाव आए॥
तेरे चरणों में मन लागे।
भीतर के सब संशय भागे॥
खाटू वाले श्याम हमारे।
सुन लो नाथ पुकार हमारे॥
भक्तों की तुम आस निराली।
नाम तुम्हारा सुख देने वाला॥
प्रेम भक्ति का पथ दिखलाओ।
जीवन को उजियारा बनाओ॥
तेरी महिमा गाते जाएँ।
सबके हित में हाथ बढ़ाएँ॥
जय श्री श्याम पुकारें सारे।
रहो कृपालु सदा हमारे॥
॥ दोहा ॥
श्याम नाम का आसरा, मन में रख विश्वास।
सेवा, प्रेम, सद्भाव से, जीवन बने प्रकाश॥