माँ काली का परिचय
माँ काली हिन्दू शाक्त परंपरा में आदिशक्ति का उग्र, करुणामय और रक्षक स्वरूप मानी जाती हैं। उनका नाम ‘काल’ से जुड़ा है; वे समय, परिवर्तन और अहंकार के अतिक्रमण का प्रतीक हैं।
देवी की प्रतिमा में प्रायः गहरा वर्ण, मुक्त केश, मुण्डमाला, खड्ग और अभय मुद्रा दिखाई जाती है। भक्त इन प्रतीकों में अज्ञान के नाश, निर्भयता और मुक्ति का संदेश देखते हैं।
पश्चिम बंगाल की काली पूजा और देशभर के अनेक शक्तिपीठों में उनकी विशेष आराधना की जाती है। दक्षिणा काली, महाकाली और भद्रकाली जैसे स्वरूपों की उपासना की अपनी-अपनी परंपराएँ हैं।