🔱 जय तुलजा भवानी माता 🔱

माँ तुलजा भवानी — शक्ति, साहस और संरक्षण

माँ तुलजा भवानी का परिचय, श्री भवानी अष्टकम्, दुर्गा स्तुति और भवानी गायत्री मंत्र

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माँ तुलजा भवानी का परिचय

तुलजापुर स्थित श्री तुलजा भवानी माता की वास्तविक प्रतिमा
श्री तुलजा भवानी माता — तुलजापुर (प्रतिमा का ऐतिहासिक छायाचित्र)

महाराष्ट्र के तुलजापुर में प्रतिष्ठित माँ तुलजा भवानी का स्वरूप शक्ति, साहस और संरक्षण का प्रतीक माना जाता है।

🔱 आदिशक्ति🦁 शक्ति और साहस🌺 तुलजापुर धाम🙏 भक्तों की आराध्य देवी

माँ तुलजा भवानी का प्रसिद्ध मंदिर महाराष्ट्र के धाराशिव (पूर्व नाम उस्मानाबाद) जिले के तुलजापुर में स्थित है। उन्हें महाराष्ट्र की अनेक कुलपरंपराओं में कुलदेवी के रूप में पूजा जाता है। छत्रपति शिवाजी महाराज की भवानी-भक्ति से जुड़ी मान्यताएँ भी लोकपरंपरा में प्रचलित हैं।

नीचे माँ भवानी की आराधना में पढ़े जाने वाले प्रसिद्ध संस्कृत पाठ दिए गए हैं। अलग-अलग परंपराओं में इनके पाठ और मंत्रों के रूप भिन्न हो सकते हैं।

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श्री भवानी अष्टकम्

तुलजापुर स्थित श्री तुलजा भवानी माता की वास्तविक प्रतिमा
श्री तुलजा भवानी माता — तुलजापुर (प्रतिमा का ऐतिहासिक छायाचित्र)

आदि शंकराचार्य से परंपरागत रूप से संबद्ध आठ श्लोकों का प्रसिद्ध शरणागति स्तोत्र।

न तातो न माता न बन्धुर्न दाता
न पुत्रो न पुत्री न भृत्यो न भर्ता।
न जाया न विद्या न वृत्तिर्ममैव
गतिस्त्वं गतिस्त्वं त्वमेका भवानि॥१॥

भवाब्धावपारे महादुःखभीरुः
पपात प्रकामी प्रलोभी प्रमत्तः।
कुसंसारपाशप्रबद्धः सदाहं
गतिस्त्वं गतिस्त्वं त्वमेका भवानि॥२॥

न जानामि दानं न च ध्यानयोगं
न जानामि तन्त्रं न च स्तोत्रमन्त्रम्।
न जानामि पूजां न च न्यासयोगं
गतिस्त्वं गतिस्त्वं त्वमेका भवानि॥३॥

न जानामि पुण्यं न जानामि तीर्थं
न जानामि मुक्तिं लयं वा कदाचित्।
न जानामि भक्तिं व्रतं वापि मातः
गतिस्त्वं गतिस्त्वं त्वमेका भवानि॥४॥

कुकर्मी कुसङ्गी कुबुद्धिः कुदासः
कुलाचारहीनः कदाचारलीनः।
कुदृष्टिः कुवाक्यप्रबन्धः सदाहं
गतिस्त्वं गतिस्त्वं त्वमेका भवानि॥५॥

प्रजेशं रमेशं महेशं सुरेशं
दिनेशं निशीथेश्वरं वा कदाचित्।
न जानामि चान्यत्सदाहं शरण्ये
गतिस्त्वं गतिस्त्वं त्वमेका भवानि॥६॥

विवादे विषादे प्रमादे प्रवासे
जले चानले पर्वते शत्रुमध्ये।
अरण्ये शरण्ये सदा मां प्रपाहि
गतिस्त्वं गतिस्त्वं त्वमेका भवानि॥७॥

अनाथो दरिद्रो जरारोगयुक्तो
महाक्षीणदीनः सदा जाड्यवक्त्रः।
विपत्तौ प्रविष्टः प्रनष्टः सदाहं
गतिस्त्वं गतिस्त्वं त्वमेका भवानि॥८॥
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श्री दुर्गा स्तुति — चयनित श्लोक

तुलजापुर स्थित श्री तुलजा भवानी माता की वास्तविक प्रतिमा
श्री तुलजा भवानी माता — तुलजापुर (प्रतिमा का ऐतिहासिक छायाचित्र)

देवीमाहात्म्य (दुर्गासप्तशती) में प्रचलित देवी स्तुति के चार प्रसिद्ध श्लोक। यह संपूर्ण दुर्गासप्तशती नहीं है।

या देवी सर्वभूतेषु शक्तिरूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥

या देवी सर्वभूतेषु मातृरूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥

सर्वमङ्गलमाङ्गल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके।
शरण्ये त्र्यम्बके गौरि नारायणि नमोऽस्तु ते॥

शरणागतदीनार्तपरित्राणपरायणे।
सर्वस्यार्तिहरे देवि नारायणि नमोऽस्तु ते॥
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श्री भवानी गायत्री मंत्र

तुलजापुर स्थित श्री तुलजा भवानी माता की वास्तविक प्रतिमा
श्री तुलजा भवानी माता — तुलजापुर (प्रतिमा का ऐतिहासिक छायाचित्र)

माँ दुर्गा/भवानी की उपासना में प्रचलित गायत्री मंत्र का एक रूप।

ॐ कात्यायनाय विद्महे कन्याकुमारि धीमहि।
तन्नो दुर्गिः प्रचोदयात्॥

चित्र: वंदना गायकवाड (1992), डिजिटलीकरण: Unmesh — Wikimedia Commons · CC BY-SA 4.0